GetInvoicePDF हिंदी
100% मुफ्त · बिना वॉटरमार्क · शून्य MDR UPI QR

मिनटों में जीएसटी बिल बनाएं, UPI से तुरंत भुगतान पाएं

छोटे व्यापारियों, फ्रीलांसरों और किराना दुकानदारों के लिए बना — CGST/SGST ऑटो-स्प्लिट, शून्य MDR UPI QR कोड और WhatsApp पर सीधी शेयरिंग।

अभी बिल बनाएं

इनवॉइस बनाएं

नीचे विवरण भरें — लाइव प्रीव्यू खुद-ब-खुद अपडेट होगा।

विक्रेता / दुकान की जानकारी

लोगो चुनें

ग्राहक की जानकारी

इनवॉइस विवरण

वस्तुएं / सेवाएं

विवरण HSN/SAC दर (₹) मात्रा छूट स्पेशल छूट % GST % कुल (₹)

अतिरिक्त शुल्क (MDR / डिलीवरी / पैकिंग)

डिजिटल हस्ताक्षर

हस्ताक्षर बनाएं बटन दबाएं

UPI भुगतान (शून्य MDR QR कोड)

स्वीकृत ऐप्स (Zero MDR):
G Pay PhonePe Paytm BHIM UPI
QR Preview
लाइव प्रीव्यू

कुल योग

सब-टोटल (कर योग्य)₹0.00
कुल छूट− ₹0.00
CGST₹0.00
SGST₹0.00
अतिरिक्त शुल्क (MDR/डिलीवरी)₹0.00
कुल राशि ₹0.00
शब्दों में: शून्य रुपये मात्र

मुफ्त हिंदी इनवॉइस जनरेटर: मिनटों में जीएसटी बिल बनाएं और तुरंत भुगतान पाएं

कोई साइन-अप नहीं, कोई ऐप डाउनलोड नहीं। बिल बनाइए, PDF में सेव कीजिए, और शून्य MDR UPI QR कोड के साथ WhatsApp पर तुरंत भेजिए — पूरी तरह फ्री।

MDR (Merchant Discount Rate) क्या है और भारत में इसके कानूनी नियम

जब कोई ग्राहक डिजिटल तरीके से भुगतान करता है, तो बैंक और पेमेंट गेटवे उस लेन-देन को प्रोसेस करने के लिए जो फीस लेते हैं, उसे MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) कहा जाता है। छोटे व्यापारियों और फ्रीलांसरों के लिए MDR नियमों को समझना अत्यंत आवश्यक है:

1. UPI और RuPay कार्ड पर 'शून्य MDR' (Zero MDR Rule)

भारत सरकार के Payment and Settlement Systems Act, 2007 की धारा 10A (वित्त अधिनियम 2019 द्वारा संशोधित) के तहत, BHIM UPI और RuPay डेबिट कार्ड से भुगतान स्वीकार करने पर व्यापारियों से कोई भी MDR शुल्क नहीं लिया जा सकता।

कानूनी नियम (Zero MDR): किसी भी बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को व्यक्ति या व्यापारी से UPI या RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर MDR वसूलने की अनुमति नहीं है। इसलिए GetInvoicePDF में दिया गया UPI QR कोड व्यापारियों के लिए 100% फ्री पेमेंट सॉल्यूशन है।

2. क्रेडिट कार्ड और अन्य गेटवे पर MDR शुल्क

यदि ग्राहक मास्टरकार्ड/वीज़ा क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान करता है, तो पेमेंट गेटवे (जैसे Razorpay, Cashfree, Stripe) आमतौर पर 1.5% से 2% + 18% GST तक का MDR काटते हैं।

3. क्या बिल में MDR या कन्वीनियंस फीस जोड़ना कानूनी है?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सर्कुलर के अनुसार, व्यापारी ग्राहक पर अतिरिक्त 'क्रेडिट कार्ड सरचार्ज' नहीं लगा सकते। हालांकि, यदि आप कस्टम इनवॉइस में हैंडलिंग या पेमेंट प्रोसेसिंग को अलग से जोड़ते हैं, तो उसे बिल में अतिरिक्त शुल्क (Extra Charges) के रूप में पारदर्शी तरीके से दर्शाना आवश्यक है।


स्टेप-बाय-स्टेप इनवॉइस बनाने की प्रक्रिया

  1. दुकान / विक्रेता की जानकारी भरें — दुकान का नाम, पता, GSTIN और लोगो अपलोड करें।
  2. ग्राहक का विवरण — ग्राहक का नाम, फ़ोन, WhatsApp नंबर और B2B बिल के लिए उनका GSTIN दर्ज करें।
  3. HSN/SAC कोड और वस्तुएं — सही HSN/SAC कोड, दर और लागू GST प्रतिशत (0%, 5%, 12%, 18%, 28%) चुनें।
  4. ऑटोमैटिक टैक्स स्प्लिट — विक्रेता और खरीदार का राज्य एक होने पर बिल खुद ब खुद CGST + SGST में बंट जाता है, और अलग होने पर IGST लागू होता है।
  5. UPI QR कोड जनरेट करें — अपनी UPI ID दर्ज करें; बिल पर तुरंत स्कैन करने योग्य कोड बन जाएगा।
  6. PDF डाउनलोड या WhatsApp शेयर — सिंगल क्लिक में आधिकारिक PDF प्राप्त करें।

MSME 45-दिन भुगतान नियम (आयकर अधिनियम धारा 43B(h))

भारत सरकार के नए प्रावधान के अनुसार, किसी भी बड़े खरीदार को रजिस्टर्ड सूक्ष्म या लघु उद्यम (MSME) से सामान या सेवा खरीदने पर 45 दिनों (या समझौते के अनुसार 15 दिनों) के भीतर भुगतान करना अनिवार्य है। समय पर भुगतान न करने पर खरीदार को उस खर्च पर टैक्स छूट नहीं मिलती। इसलिए अपने हर इनवॉइस पर देय तिथि (Due Date) स्पष्ट रूप से दर्ज करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या यह इनवॉइस जनरेटर पूरी तरह मुफ्त है?
हां, बेसिक GST इनवॉइस बनाना, PDF डाउनलोड करना और UPI QR कोड जोड़ना — यह सब हमेशा के लिए मुफ्त है, बिना किसी वॉटरमार्क के।
UPI और RuPay कार्ड पर MDR चार्ज क्या होता है?
पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट 2007 की धारा 10A के तहत भारत सरकार ने UPI और RuPay डेबिट कार्ड पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पूरी तरह शून्य (Zero MDR) कर दिया है। व्यापारियों को इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ता।
CGST, SGST और IGST में क्या अंतर है?
अगर विक्रेता और खरीदार एक ही राज्य में हैं, तो GST को CGST और SGST में बराबर बांटा जाता है। अगर वे अलग-अलग राज्यों में हैं, तो पूरी राशि IGST के रूप में ली जाती है।
क्या मेरा डेटा किसी सर्वर पर अपलोड होता है?
नहीं। यह टूल 100% क्लाइंट-साइड काम करता है। आपका वित्तीय डेटा आपके ब्राउज़र में ही प्रोसेस होता है और किसी बाहरी सर्वर पर नहीं भेजा जाता।
Santanu Sarma

Santanu Sarma

Economics Researcher & Creator of GetInvoicePDF.com

अर्थशास्त्र (सार्वजनिक वित्त एवं अर्थमिति), भट्टदेव विश्वविद्यालय। शांतनु भारतीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) और फ्रीलांसरों के लिए पारदर्शी वित्तीय टूल्स का निर्माण करते हैं।

प्राथमिक कानूनी स्रोत (Primary Legal Sources)